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Wednesday, June 11, 2014

हारे -हारे हम तो दिल से हारे

हारे -हारे हम तो दिल से हारे

तेरी याद में पागल पल-पल रोता है
बिन तेरे न जागे ये न सोता है
अक्सर तन्हाई में तुम्हें पुकारे
न जोर दिल पे चले
हारे -हारे हम तो दिल से हारे

अब जाने हम ये प्यार क्या है
दर्दे जिगर मुश्किल बड़ा है
सुनता नहीं कहना कोई भी
दिल बेखबर ज़िद पे अड़ा है
समझाऊं कैसे इसे जाने जां
हारे -हारे हम तो दिल से हारे

हर आईना टूटा लगे है
सच्चा भी हमें झूठा लगे है
जाने कहाँ हम आ गए हैं
सारा जहाँ रूठा लगे है
क्या दर्द दिल ने दिया क्या कहें
हारे -हारे हम तो दिल से हारे

- नमालूम
19.06.2000

वफ़ा हमने की पर वफ़ा न मिली

ज़िन्दगी से हमें मुहब्बत न मिली
वफ़ा हमने की पर वफ़ा न मिली

मेरा महबूब है नाम है बेवफा
जो कर  न सका हमसे वफ़ा
दिल ने चाहा था जिसको
हमें न मिली
वफ़ा हमने की पर वफ़ा न मिली

शाम आती है हमको रुलाने के लिए
रात आती है हमको सताने के लिए
दिल में रहती थी जो
वो हमें न मिली
वफ़ा हमने की पर वफ़ा न मिली

जिस ख़ुशी की तलाश था मैं कर रहा
न मिली जब वो मैं तो ग़म पी गया
दिल ने चाहा था मिलना
जुदाई मिली
वफ़ा हमने की पर वफ़ा न मिली

- 'एक अपना'

Tuesday, June 10, 2014

कैसे भूल जाऊं उसकी महकी सी बातों को

बेदर्दी से प्यार का सहारा न मिला
ऐसा बिछड़ा वो मुझसे दोबारा न मिला

टूट गया प्यार का सुहाना सपना
वही निकला बेगाना जिसे जाना अपना
इस ग़म की कश्ती को किनारा न मिला

सो जाये ज़माना मैं जागूं रातों को
कैसे भूल जाऊं उसकी महकी सी बातों को
बेदर्दी से प्यार का सहारा न मिला

रोता है दिल उसे याद करके
वो तो चला गया मुझे बर्बाद करके
उसकी याद से दिल करार न मिला

- नमालूम

तेरे बिना दिल मेरा इक पल भी नहीं लगता

तेरे बिना दिल मेरा इक पल भी नहीं लगता
आ जाओ हरजाई ग़म मेरा नहीं घटता

कैसे काटूँ कटती नहीं है ग़म की ये काली रातें
याद मुझे है आज जुदाई की बातें
बहता मेरी आँखों का ये दरिया नहीं थमता

राहे वफ़ा में दर्द के हाथों ऐसे मुझे मजबूर न कर
देख मुझे तू नज़रों से अपनी दूर न कर
जीवन का सफ़र तन्हा अब मुझसे नहीं कटता

देख मैं दिल के जख्मों की इस आग में जलता हूँ
भीड़ में ग़म की तन्हा चलता रहता हूँ
बादल ये जफ़ाओं का मेरे सर से नहीं छटता

- नमालूम

जिस दिल ने तुझको चाहा था

जिस दिल ने तुझको चाहा था
जिस दिल ने तुझको पूजा था

उस दिल को तूने तोड़ दिया
दुनिया में अकेले छोड़ दिया

पर ये दिल तुझको भूला नहीं
तड़पा है तुझसे रूठा नहीं

आ लौट के आ मेरे बिछड़े सनम
न सता अब मुझे और सनम

चल तोड़ दें हर दुनिया की रसम
तुझको तेरी चाहत की कसम

- नमालूम

साथी तेरे नाम एक दिन जीवन कर जायेंगे

साथी तेरे नाम एक दिन जीवन कर जायेंगे
तू है मेरा ख़ुदा तू न करना दगा तुम बिन मर जायेंगे

पूजता हूँ तुझे पीपल की तरह
प्यार तेरा मेरा तन मन की तरह
धरती अम्बर में तू
इस मंज़र में तू
फूल पत्ती में तू , तू है मेरा ख़ुदा तू न करना दगा

खुशबुओं की तरह तू महकती रहे
बुलबुलों की तरह तू चहकती रहे
दिल के हर तरफ से
आ रही है ये सदा
तू खुश रहे सदा तुम बिन मर जायेंगे

- नमालूम

तुम्हें मिलके दिल को यूँ लगा

तुम्हें मिलके दिल को यूँ लगा
मेरी ज़िन्दगी मुझे मिल गयी
तू कहीं रहे मैं कहीं रहूँ
कहे दिल ये मेरा बार-बार

ख्वाब था तुम मिलो मिलके यूँ न दूर हो
प्यार में साथ जीना साथ मरना संग हो
मेरे मन के मंदिर में सदा
रहो तुम हमारे साथ-साथ
तुम्हें मिल के दिल को यूँ लगा
अरमान मेरे मिल गये

मैं तुम्हारे साथ हूँ
तुम ही हो प्यार मेरा
साज मेरा आवाज़ तुम हो
तुम को क्या मालूम मेरे हमसफ़र हो
है ख़ुदा साथ मेरे
तुम सुधा मैं प्यास हूँ

तुम्हें मिल के दिल को यूँ लगा
अरमान मेरे मिल गए

- नमालूम

25.07.99

Monday, June 9, 2014

आदमी हूँ आदमी से प्यार करता हूँ

बस यही अपराध मैं हर बार करता हूँ
आदमी हूँ आदमी से प्यार करता हूँ

मैं बसाना चाहता हूँ स्वर्ग धरती पर
आदमी जिसमें रहे बस आदमी बनकर
उस नगर की हर गली तैयार करता हूँ
आदमी हूँ आदमी से प्यार करता हूँ

इक खिलौना बना गया दुनिया के मेले में
कोई खेले भीड़ में कोई अकेले में
मुस्कराकर भेंट हर स्वीकार करता हूँ
आदमी हूँ आदमी से प्यार करता हूँ

हूँ बहुत नादान करता हूँ ये नादानी
बेचकर खुशियाँ खरीदूं आँख का पानी
हाथ खाली हैं मगर व्यापार करता हूँ
आदमी हूँ आदमी से प्यार करता हूँ


- नमालूम

Sunday, June 8, 2014

मुझे प्यार की ज़िन्दगी देने वाले

मुझे प्यार की ज़िन्दगी देने वाले
कभी ग़म न देना ख़ुशी देने वाले

मुहब्बत के वादे भुला तो न दोगे
कहीं मुझसे दामन छुड़ा तो न लोगे
मेरे दिल की दुनिया है तेरे हवाले

जमाने में तुमसे नहीं कोई प्यारा
ये जां भी तुम्हारी ये दिल भी तुम्हारा
गर न हो यकीं तो कभी आजमा ले

- नमालूम

तेरी दोस्ती से मिला है मुझे इक तोहफा प्यार का

तेरी दोस्ती से मिला है मुझे इक तोहफा प्यार का
है बदनसीबी हमारी सनम न मिल सका प्यार आपका

मैं तो नहीं पर मेरा साया तेरे साथ है
बाँहों में तेरी सनम मेरी ही सौगात है
तेरे मिलन को तड़पता हूँ मैं किस घड़ी मिलूं

काँटों का जंगल अभी मिला है मुझे
यादों में तू है बसा कैसे भुलाऊं तुझे
काटे कटे न ये ज़िन्दगी तेरे बिना साजना

-नमालूम
25.07.99

दूर से मिलती बुझती रहे प्यास

अंखियों को रहने दे अखियों के आस पास
दूर से मिलती बुझती रहे प्यास
रह गयी दुनिया में नाम की खुशियाँ
तेरे मेरे किस काम की खुशियाँ
सारी उम्र हमको रहना है उदास
दूर से मिलती बुझती रहे प्यास

दर्द ज़माने के कम नहीं मिलते
सबको मुहब्बत के ग़म नहीं मिलते
टूटने वाले दिल होते हैं कुछ ख़ास
दूर से मिलती बुझती रहे प्यास

- नमालूम


दिलवर दिल भी अजीब होता है

दिलवर दिल भी अजीब होता है
दूर होकर भी करीब होता है

हमसे मिलोगी अगर होगा वो तुमपे असर
यार कड़ी धूप में कट जाएगा सफ़र
मुहब्बत ख़ुदा का सही नाम है
मुहब्बत से महरूम नाकाम है
पाना खोना तो दुनिया भर में होता है

ग़म और ख़ुशी का मजा देंगे तुम्हें प्यारा से
चाहत की हर इक सजा लेंगे हम यार से

- नमालूम

फूल राहों में बिखर जाते हैं जब वो आते हैं

फूल राहों में बिखर जाते हैं जब वो आते हैं

चूमके कदम है झूमता मौसम
माहिया ये माहिया है नाचता छमा छम
धीमे-धीमे गाये घटा धीमे - धीमे गाये हवा
इक नशे में दिन गुजर जाते हैं जब वो आते हैं

फूल राहों में बिखर जाते हैं जब वो आते हैं

दर्द की गहराईयों में डूबता जाता दिल
डूबती कश्ती को अब तो मिल गया साहिल
धीमे-धीमे आये वो धीमे-धीमे आये हम
दिल में जगी शमा प्यार की
ख्वाब कितने ही डोल जाते हैं जब वो आते हैं

फूल राहों में बिखर जाते हैं जब वो आते हैं 

- नमालूम

Friday, June 6, 2014

मुहब्बत भी क्या चीज होती है यार

आँखों में नींद न दिल में करार
मुहब्बत भी क्या चीज होती है यार
कभी बेखुदी तो कभी इंतज़ार
मुहब्बत भी क्या चीज होती है यार

दर्द उठे प्यास जगे याद सताए
कोई सदा शामो सहर पास बुलाए
रात ढले धूप खिले आये सवेरा
चाहतों के आशियाँ में दिल का बसेरा
बेकरारी है जाने क्यूँ सनम
आँख है खुली नींद में हैं हम
हर घड़ी दिल में  कैसा ये खुमार

मैं तो तुझे एक भी पल भूल न पाऊं
जाने वफ़ा पास तेरे दौड़ी आऊँ
तू जो कहे रस्में सभी तोड़ दूँ सनम
तेरे लिए दोनों जहाँ छोड़ दूँ  सनम
रात न कटे न कटे ये दिन
कैसे कटेगी उम्र तेरे बिन
प्यार ज़िन्दगी में होता है एक बार


बाँट रहा था जब ख़ुदा सारे जहाँ की नैमतें

मैं क्यों दामन को फैलाऊं
मैं क्यों कोई दुआ मांगूं
तुझे जब पा लिया मैंने
ख़ुदा से और क्या मांगूं

बाँट रहा था जब ख़ुदा सारे जहाँ की नैमतें
अपने ख़ुदा से मांग ली मैंने तेरी वफ़ा सनम
मेरी वफ़ा के साज में गूँज रही है लौ तेरी
मैं भी हूँ तेरी जाने जाँ मेरी वफ़ा भी है तेरी

तू जो मिल गया मुझे
चाहिए और क्या सनम

काश मैं अपनी ज़िन्दगी प्यार में यूँ गुजार दूँ
वक़्त पड़े तो दिल के साथ जान भी अपनी वार दूँ
शायद इसी तरह से हो प्यार का हक़ अदा सनम

लोग यहाँ तेरे मेरे प्यार को आजमाएंगे
तुझको अलग सतायेंगे मुझको अलग रुलायेंगे
अपना मगर है फैसला
होंगे न हम जुदा सनम

- नमालूम

प्यार भरे मौसम में

ये दिल तुझपे फ़िदा है क्योंकि तुझमें ऐसी अदा है
तुझसा हंसीं ऐ हमनशीं सारे जहाँ में कहाँ है

प्यार भरे मौसम में
आ हम तुम जी लें मर लें
दूर कहीं जाकर तुम्हें
प्यार जी भर के कर लें
बाहों में आ जा दिल में समा जा
जाने जां दिलकश शमां है

जुल्फों में लेके अपनी
तुझको मैं छिपा लूँ
होठों से लगाकर
दिल में बसा लूँ
आज जो मिले हैं तो बिछड़े कभी न
लब पे यही दुआ है

तू ही जन्नत है मेरी
तू ही आरजू है
सदियों से मुझको जानम
बस तेरी ही जुस्तुजू है
अब तुझसे मिलके लगता है ऐसा
सपना मेरा सच हुआ है

- नमालूम
25.07.99

संग संग चलूँगा मैं

संग संग चलूँगा मैं  बनके तेरा सजन
आ तेरी मांग भर दूँ, ओ मेरी सजन

कैसे कहूँ जाने वफ़ा कितना मुझे प्यार दिया
तूने मेरी किस्मत को चाहत से संवार दिया
मेरी दुनिया मेरी मंजिल नहीं लगता तेरे बिन दिल
खुशबू से तेरी महके मेरा बदन

अब है यही अरमां यूँ ही सदा तू हंसती रहे
पूरी करूँ चाहत हर चाहत तेरी तू मुझसे अब जो भी कहे
मेरा सपना मेरी साँसें तुझे देखें मेरी आँखें
तेरे लिए है पागल ये मेरा मन

कहीं दीप जले कहीं दिल

कहीं दीप जले कहीं दिल
हो देख ले आकर परवाने
तेरी कौन सी है मंजिल

मेरा गीत तेरे दिल की पुकार है
जहाँ तू है वहीँ मेरा प्यार है
मेरा दिल है तेरी महफ़िल

न मैं सपना हूँ बी कोई राज़ हूँ
इक दर्द भरी आवाज़ हूँ
पिया देर न कर आ मिल

दुश्मन हैं हजारों यहाँ जान के
जरा मिलना नज़र पहचान के
कई रूप में है क़ातिल

- 21.07.99

Thursday, June 5, 2014

दुश्मन न करे

दुश्मन न करे दोस्त ने वो काम किया है
उम्र भर का ग़म हमें इनाम दिया है

तूफां में हमको छोड़ के साहिल पे आ गए
नखुदा का हमने जिन्हें नाम दिया है
उम्र भर का ग़म हमें इनाम दिया है 

पहले तो होश छीन लिए जुल्म सितम से
दीवानगी का फिर हमें इल्जाम दिया है
उम्र भर का ग़म हमें इनाम दिया है

अपने ही गिराते हैं नशेमन पे बिजलियाँ
गैरों ने आ के फिर भी उसे थाम लिया है
उम्र भर का ग़म हमें इनाम दिया है

दुश्मन न करे दोस्त ने वो काम किया है
उम्र भर का ग़म हमें इनाम दिया है

- नमालूम

Tuesday, June 3, 2014

देखा है एक सपना

देखा है एक सपना
सपने में तू सजना
है छोटा सा घर अपना
चांदनी आँगन में
प्यार की बातों में
खो गया दिल अपना
कुछ जागा कुछ खोया था मैं
प्यार के आँगन में
भूल गया मैं सारी दुनिया
तेरी बाहों में
दिल ये कहता है मुझको
जीना क्या प्यार बिना

काश हो ऐसा चाँद न डूबे
रात को रोक लूं,  मैं
झूम उठी ये दुनिया मेरी
तेरी बाहों में
दिल ये कहता है मुझको
जीना क्या प्यार बिना
देखा है एक सपना

- 'अमरजीत'